कोविड-19 टीके की ख़ुराकों को मिलाना सुरक्षित, लेकिन दुष्प्रभाव बढ़ सकता है : ब्रिटिश अध्ययन

by GoNews Desk May 15, 2021 • 01:39 PM Views 1186

जैसे जैसे कोरोना महामारी अपने पैर पसार रही है वैसे वैसे लोगों में डर फैलता जा रहा है। और अब इस डर को भगाने के लिए वैज्ञानिकों ने टीकाकरण ही सिर्फ़ एक मात्र समाधान बताया है। पर सवाल खड़ा हो रहा है कि कई देशों में वैक्सीन की क़िल्लत हो रही है और अब लोग पहली और दूसरी डोज़ में वैक्सीन को उपलब्धता के हिसाब से बदलने का भी सोच रहे हैं और अब इसी विषय को लेकर एक अध्ययन सामने आया है।

कोरोना वायरस से प्रतिरक्षण के लिए तैयार दो तरह के टीकों की खुराक को मिलाना सुरक्षित है लेकिन इससे हल्के से मध्यम स्तर के लक्षण उभरने की आशंका बढ़ जाती है। यह दावा ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में किया गया है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने कॉम-कोव नाम से अध्ययन यह जानने के लिए किया कि फाइजर/बायोनटेक का टीका लगाने के बाद ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की दूसरी खुराक (इसी प्रकार एस्ट्राजेनेका के बाद फाइजर का टीका लगाने पर) पर प्रतिरक्षण प्रणाली कैसे प्रक्रिया करती है।

मेडिकल जर्नल ‘लांसेट' में प्रकाशित रिपार्ट के मुताबिक अनुसंधान टीम ने कहा कि दो तरह के टीकों को मिलाने से अल्पकालिक लक्षण आते हैं लेकिन सुरक्षा संबंधी चिंता की कोई बात नहीं है।