किसान आंदोलन को ख़ालिस्तानी लेबल लगाने की सोची-समझी साज़िश का पर्दाफाश: CIR रिपोर्ट

by GoNews Desk Nov 25, 2021 • 06:12 PM Views 437

एक ब्रिटिश नॉन प्रोफिट ऑर्गेनाइज़ेशन या ग़ैर लाभकारी संस्था ने सोशल मीडिया पर किसानों को ख़ालिस्तान से जोड़ने की एक सोची-समझी साज़िश का खुलासा किया है। इसी ऑर्गेनाइज़ेशन ने पहले म्यांमार में ह्युमन राइट्स के ख़िलाफ़ अपराधों के साथ-साथ नकली सोशल मीडिया हैंडल से चीनी प्रचार का खुलासा किया था।

नॉन प्रोफिट ऑर्गेनाइज़ेशन सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस (CIR) ने किसानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ और झूठे पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स का विश्लेषण किया है। इससे पता चला कि सोशल मीडिया पर सैकड़ों फेक अकाउंट्स थे जिससे किसान आंदोलन के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार, पंजाब में अलगाववाद और भारतीय सेना के ग्लोरिफिकेशन या उनके महिमामंडन, भारत और अंतर्राष्ट्रीय समुदायों के भीतर सांस्कृतिक तनाव को बढ़ावा दिए जाने वाले पोस्ट किए गए थे।

देखें - पूरी रिपोर्ट

सीआईआर ने ऐसे 80 सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की है जिनपर हज़ारों की संख्या में फॉलोअर्स थे। रिपोर्ट में बताया गया कि अब उन सोशल मीडिया अकाउंट को निलंबित कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक़ उन सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान ट्विटर एपीआई, हैशटैग और विज़ुअलाइज़्ड डेटा के इस्तेमाल से की गई थी।