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आज की तीन बड़ी ख़बरें

by GoNews Desk Mar 02, 2021 • 06:12 PM Views 466

उत्तर प्रदेश: हाथरस गोलीकांड में दो गिरफ़्तार, चार अब भी लापता

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत करने वाले पिता की आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी काफी दिनों से छेड़छाड़ का केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहे थे। इलाक़े की एसपी रुचि गुप्ता ने बताया कि सासनी इलाक़े के नौजपुर गांव में सोमवार शाम युवति के पिता अपने खेत में आलू की खुदाई करा रहे थे। उसी दौरान चार हमलावर आए और उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई।

मृतक की बेटी ने इस मामले में छह लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया है। इनमें से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वारदात में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगाने के भी निर्देश दिए।

पुलिस के मुताबिक, मृतक ने मुख्य आरोपी पर ढ़ाई साल पहले अपने बेटी के साथ छेड़खानी का मुक़दमा दर्ज कराया था। इसके लिए आरोपी को जेल भी हुई थी लेकिन कुछ ही दिनों बाद आरोपी को ज़मानत मिल गई थी। बाद में आरोपी के परिवार वालों के साथ 50 वर्षीय मृतक अमरीश की दो बेटियों से बहस हो गई। इसको लेकर अमरीश और आरोपी के बीच भी बहस हुई, इसी दौरान आरोपी ने कुछ लड़कों को बुलाकर उनपर गोलियां चलवा दी। मृतक की बेटी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो रो-रोकर पुलिस से अपने पिता के लिए न्याय मांग रही है।

टीआरपी घोटाला मामले में 'मास्टरमाइंट' पार्थो दासगुप्ता को ज़मानत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीआरपी घोटाला मामले में गिरफ्तार ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को ज़मानत दे दी है। दासगुप्ता को यह ज़मानत दो लाख रूपये के निजी बॉन्ड पर दी गई है। दासगुप्ता ने जनवरी महीने में हाईकोर्ट में ज़मानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन, कोर्ट ने ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि टीआरपी घोटाला मामले में वो एक मास्टरमाइंट की भूमिका में हैं।

बीते महीने पार्थो दासगुप्ता ने खुलासा किया था कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने उन्हें टीआरपी में छेड़छाड़ के लिए 12 हज़ार डॉलर और 40 लाख रूपए दिए थे। दासगुप्ता को बीते साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। पैसे की लेनदेन की बात दासगुप्ता ने ख़ुद अपने लिखित बयान में क़बूल किया था। दासगुप्ता ने यह भी कहा था कि रेटिंग फिक्स करने के लिए उन्हें तीन साल में कुल 40 लाख रूपये मिले थे।

मुंबई पुलिस ने मामले में 3,600 पन्ने का सप्लीमेंट्री चार्जशीट बीते 11 जनवरी को कोर्ट में फाइल किया था। इसमें बार्क के फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी पेश किया गया था। इसके अलावा मुंबई पुलिस ने दासगुप्ता और अर्नब के बीच हुई लंबी बातचीत का व्हाट्सएप चैट और 59 लोगों का बयान भी फाइल किया गया था जिसमें केबल ऑपरेटर्स और बार्क काउंसिल के पूर्व कर्मचारी शामिल हैं।

जलवायु परिर्वतन से भारत में तेज़ी से पड़ेगा सूखा: आईआईटी गांधीनगर

जलवायु परिवर्तन की वजह से भविष्य में भारत में सूखा पड़ने की तीव्रता बढ़ेगी, जिसका फसल उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, सिंचाई की मांग बढ़ेगी और भूजल का दोहन बढ़ेगा। आईआईटी गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में यह दावा किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मिट्टी की नमी में तेज़ी से कमी आने के चलते अचानक सूखा पड़ने की तीव्रता बढ़ने लगेगी।

शोधकर्ताओं ने बताया कि परंपरागत सूखे की तुलना में अचानक सूखा पड़ने से दो-तीन हफ्ते के अंदर एक बड़ा क्षेत्र प्रभावित हो सकता है, इससे फसल पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा और सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ेगी। यह अध्ययन एनपीजे क्लाइमेट जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें मॉनसून के दौरान पड़ने वाले सूखे में मानव जनित जलवायु परिवर्तन की भूमिका की पड़ताल की गई है।

शोधकर्ताओं ने भारतीय मौसम विभाग द्वारा इकट्ठा किए गये मिट्टी के नमूनों और जलवायु अनुमान का इस्तेमाल अपने इस अध्ययन में किया है। अध्ययन टीम ने इस बात का ज़िक्र किया है कि 1951 से 2016 के बीच सबसे भीषण सूखा 1979 में पड़ा था, जब देश का 40 फीसदी से ज़्यादा हिस्सा प्रभावित हुआ था।

आईआईटी गांधीनगर में सिविल इंजीनियिरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर विमल मिश्रा ने बताया, ‘हमने पाया कि मॉनसून में अंतराल से या मॉनसून आने में देर होने से भारत में अचानक सूखा पड़ने की स्थिति देखी गई है और भविष्य में अचानक सूखा पड़ने की तीव्रता बढ़ना तय है।’