आंदोलन के एक साल पूरा होने पर किसानों की योजना, विश्व स्तर पर होंगे समर्थन में कार्यक्रम !

by GoNews Desk Nov 24, 2021 • 05:08 PM Views 383

किसान संगठनों ने एक बार फिर संसद चलो मार्च का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 60 ट्रैक्टर से किसान एमएसपी की गारंटी और अन्य मांगों के लिए संसद का घेराव करेंगे।

इससे पहले एसकेएम ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को खुली चिट्ठी लिखी थी। पीएम ने क़ानून वापसी के ऐलान के दौरान किसानों की अन्य मांगों का ज़िक्र नहीं किया था। किसान मोर्चे ने बैठक के बाद पीएम को लिखी चिट्ठी में अपनी अन्य छह मांगों की याद दिलाई।

किसानों की क़ानून वापसी के अलावा अन्य मांगें !

इनमें प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक (2020-2021) को वापस लेना, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग में दंडात्मक प्रावधानों को हटाना और किसानों पर चल रहे मामलों को वापस लेना शामिल है।

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चिट्ठी में लखीमपुर खीरी कांड में आरोपी आशीष मिश्र के पिता और केन्द्र में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्ख़ास्त करने की मांग भी शामिल है। इनके अलावा आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों की याद में एक स्मारक बनाने की योजना है जिसके लिए किसान मोर्चे ने सिंघू बॉर्डर पर ज़मीन की मांग की है। जबकि मारे गए करीब 700 किसानों के परिवार को मुआवज़े की मांग भी की गई है।

राकेश टिकैत ने कहा, "29 नवंबर को 60 ट्रैक्टर मार्च के लिए संसद जाएंगे। ट्रैक्टर सरकार द्वारा खोली गई सड़कों से गुजरेंगे। हम पर सड़कें रोकने के आरोप लगाए गए थे जबकि हमने सड़कें नहीं रोकी। शायद हमारा आंदोलन सरकार से बात करने का है, जिसके लिए हम सीधे संसद जाएंगे।"