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स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी से आज भी जूझ रहा देश का कम्युनिटी हेल्थ सेंटर

by GoNews Desk Apr 15, 2021 • 07:22 PM Views 942

देश के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत कितनी ख़स्ता है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। स्वास्थ्य सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए ही सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की शुरुआत की थी। अब ख़ुद स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि ग्रामीण इलाकों में चलाए जा रहे इन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स 76 फीसदी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी देखी गई है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रूररल हेल्थ स्टेटिस्टिक्स (RHS) बताते हैं कि कम्युनिटी हेल्थ सेंटर अपने शुरुआत के दिनों से ही महिला स्पेशलिस्ट, शिशु स्पेशलिस्ट, फिज़िशियन और सर्जन की कमी से जूझ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में 78.9 फीसदी सर्जन, 69.7 प्रतिशत दाई और स्त्री विशेषज्ञ, 78.2 प्रतिशत फिज़िशियन और 78.2 फीसदी बाल रोग विशेषज्ञों की कमी है।

साल 2005 से 2020 के बीच कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या 3,550 से बढ़ा कर 4,957 की गई है लेकिन अभी भी ज़रूरी डॉक्टरों और मौजूद डॉक्टरों के बीच की खाई काफी गहरी है। रूरल हेल्थ इंफ्रासट्रक्चर को सुधारने के लिए केन्द्र सरकार ने नेशनल रूरल हेल्थ मिशन योजना की शुरूआत की थी। हालांकि अब भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जहां इस योजना का फायदा नहीं पहुंचाया जा सका है।