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रोटी, कपड़ा और मकान जुटाने में नाकाम बिहार में चुनावी मुद्दा सुशांत सिंह राजपूत

by GoNews Desk Aug 21, 2020 • 06:43 PM Views 108

देश के पिछड़े राज्यों में शुमार बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जहां सत्ताधारी दल चर्चित एक्टर सुशांत सिंह की आत्महत्या को बिहारी अस्मिता का प्रतीक बताकर चुनावी फ़ायदा उठाने की फ़िराक़ में है. वहीं विपक्ष बाढ़ और कोरोना के बढ़ते मामलों के ज़रिये अपने चुनावी नैय्या पार लगाना चाहता है.

लेकिन क्या बिहार की जनता के सामने केवल यही मुद्दे हैं? क्या हाल है राज्य में शिक्षा, रोजगार, गरीबी, आवास और सामाजिक न्याय का। समझिये इस खास रिपोर्ट से। अन्तरराष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की साल 2012 की रिपोर्ट बताती है कि देश में 40 करोड़ लोग कामकाजी हैं और इसमें से 12 करोड़ दिहाड़ी मज़दूर है. ज़ाहिर है कि ये साल 2020 चल रहा है और अब ये आंकड़ा काफी बढ़ चुका है.