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विवादित कृषि क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र को नोटिस जारी किया, छह हफ्ते में मांगा जवाब

by GoNews Desk Oct 12, 2020 • 05:28 PM Views 159

विवादित कृषि क़ानून के ख़िलाफ दायर याचिकाओं पर समोवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है और जवाब देने के लिए छ: हफ्ते का वक्त दिया है। क़ानून के ख़िलाफ कोर्ट में छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के  वकील एमएल शर्मा और डीएमकी सांसद तिरुचि शिवा ने याचिका दायर की थी।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि ‘कृषि और कृषि व्यापार’ संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्यों के विशेष डोमेन का हिस्सा हैं। लिहाज़ा इस मामले में केन्द्र सरकार बिना राज्यों की सहमति के क़ानून नहीं बना सकती। 

हाल ही में संसद से केंद्र द्वारा लाए गए तीन विधेयकों ‘इनकम एश्योरेंस’, किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम-2020, मूल्य आश्वासन और कृषि संरक्षण अधिनियम-2020 और किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) अधिनियम-2020 पारित किया गया था।

इन विधेयकों के क़ानून बन जाने के बाद से देशभर में लगातार किसानों का विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। क़ानून के ख़िलाफ विपक्षी दलों का भी विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि क़ानून ‘असंवैधानिक’ और कृषि क्षेत्र का कॉर्पोरेटाइज़ेशन करने की कोशिश है।