कोरोना वैक्सीन की डोज़ के बीच का कम गैप डेल्टा वेरिएंट के ख़िलाफ़ ज्यादा असरदर: लैंसेट

by GoNews Desk Jun 07, 2021 • 01:10 PM Views 823

द लैंसेट जर्नल ने एक नई स्टडी में कहा है कि फाइजर वैक्सीन कोविड के डेल्टा वेरिएंट के ख़िलाफ़ बहुत कम प्रभावी है। बता दें कि भारत में दूसरी लहर के लिए इसी वेरिएंट को ज़िम्मेदार माना जा रहा है। स्टडी में कहा गया है कि वेरिएंट के प्रति एंटीबॉडी रिस्पॉन्स उन लोगों में और भी कम है, जिन्हें सिर्फ एक डोज़ मिली है और डोज़ के बीच लंबा गैप डेल्टा वेरिएंट के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी को काफी कम कर सकता है।

फाइजर की सिंगल डोज़ के बाद 79 प्रतिशत लोगों में ऑरिजनल स्ट्रेन के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी रिस्पॉन्स था, लेकिन यह B.1.1.7 या अल्फा वेरिएंट के लिए 50 प्रतिशत, डेल्टा के लिए 32 प्रतिशत और B.1.351 या बीटा वेरिएंट के लिए 25 प्रतिशत हो गया। बीटा वेरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था।

शोधकर्ताओं ने कहा कि यह सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है कि अधिक से अधिक लोगों को अस्पताल से बाहर रखने के लिए टीके की सुरक्षा पर्याप्त बनी रहे। यूसीएलएच इंफेक्शियस डिजीज कंसल्टेंट और सीनियर क्लिनिकल रिसर्च फेलो एम्मा वॉल के मुताबिक, "हमारे नतीजे बताते हैं कि ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका है कि जल्दी से दूसरी डोज़ दी जाए और उन लोगों को बूस्टर मुहैया कराया जाए, जिनकी इम्युनिटी इन नए वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा नहीं हो सकती है।”