ads

शाहजहाँ: हिंदुस्तान की शान में ‘ताज’ का चाँद लगाने वाला बादशाह !

by Pankaj Srivastava Jan 06, 2021 • 12:30 PM Views 678

शकील बदायूँनी का लिखा सुरीला गीत जिस ताजमहल को मुहब्बत की सबसे ख़ूबसूरत निशानी बताता है उस पर सारे दुनिया की मुहर है। दुनिया के सात आश्चर्यों में न गिने जाने के बावजूद यह उनसे किसी मायने में कम नहीं और इसके साथ ही इसकी तामीर करवाने वाले शहंशाह शाहजहाँ का नाम भी भी इतिहास में अमर है।

शाहजहाँ, यानी मुग़ल वंश का पाँचवाँ बादशाह जिसका जन्म 5 जनवरी 1592 को लाहौर में हुआ था। बादशाह जहाँगीर और जोधपुर के शासक उदय सिंह की बेटी जगत गोसाईं या जोधाबाई के बेटे शाहजहाँ का असल नाम खुर्रम था जो उम्र बढ़ने के साथ सल्तनत का सबसे शक्तिशाली स्तंभ बन गया और तमाम साज़िशों को दरकिनार करते हुए, बादशाह जहाँगीर की मृत्यु के बाद 14 फ़रवरी 1628 को हिंदुस्तान के तख्त पर बैठने में क़ामयाब हुआ।

शाहजहाँ के समय मुग़ल साम्राज्य का वैभव अपनी चरम सीमा पर पहुँचा। वह एक कला प्रेमी बादशाह के रूप में मशहूर हुआ। ख़ासतौर पर उसकी बनवाई इमारतों ने दुनिया को हिंदुस्तान की पहचान कराने वाली कई निशानियाँ दीं।