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कृषि भूमि पर महिलाओं का मालिक़ाना हक़ बढ़ा, गाँवों में 85% औरतें खेती से जुड़ी

by Rahul Gautam Jan 18, 2021 • 06:29 PM Views 246

देश के कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। पहले से ज्यादा खेतिहर भूमि का मालिकाना हक़ अब औरतो के पास है। ऐसा कहना है 2018 में जारी हुए कृषि सेन्सेस का। इसके मुताबिक जहाँ 2010-11 में 12.8 % औरतें खेतिहर भूमि की मालिक थीं, वहीं यह आँकड़ा 2015-16 में 14 % हो गया। इन ज़मीनों पर औरतें न खुद खेती करती हैं बल्कि खेतिहर मज़दूरों से भी काम लेती हैं।

देश में कुल 20.44 मिलियन हेक्टर ज़मीन, पर महिलाएं खेती में जुटी हैं। इसका सबसे ज्यादा भाग आंध्र प्रदेश में है जहाँ यह 12.55 प्रतिशत है। इसके बाद महाराष्ट्र में 11.6 फीसदी,  बिहार में 11.2 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 8.9 फीसदी, कर्नाटक और केरल में 8.5 %, तमिलनाडु में 7.6 %, तेलंगाना में 6.7 %, मध्यप्रदेश में में 5.8 %, गुजरात में 4.3 %,  राजस्थान  में 3.8 % और छत्तीसगढ़ में  2.7 % खेती पर महिलाओं का मालिकाना है। आसान भाषा में कहे तो इन्ही 12 राज्यों में उस ज़मीन का 92 % भूभाग है जहाँ महिलाएँ खेती करती हैं।

एक और दिलचप्स बात जो इस सेन्सस में निकल कर आई वो यह है कि 2015-16 में 2010-11 के मुकाबले अनुसूचित जातियों द्वारा जोती जाने वाली ज़मीन में 1.8 प्रतिशत की कमी आई जबकि उसी समय दलित महिलाओं के मालिकाने वाली ज़मीन में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और दलित मर्दों की ज़मीन में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।