पानी के भीषण संकट से घिर गया है पंजाब

by Rahul Gautam Jan 24, 2021 • 01:07 PM Views 702

पंजाबी में एक कहावत है 'दिल्ली दे दूध वर्गा, साडे अम्बरसर दा पानी' यानी दिल्ली के दूध से बेहतर तो अपने अमृतसर का पानी है । बहरहाल, अब इस वक्त इस कहावत के बदलने का है।  तेज़ी से बढ़ते प्रदुषण और खेती में बड़े पैमाने में इस्तेमाल हो रहे कीटनाशक से अब पंजाब के पानी ज़हरीला हो रहा है। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट से पता चलता है कि पंजाब में केवल 5 फीसदी भूजल ही पीने लायक बचा है।

इकोसिस्टम फॉर एकाउंट्स इंडिया नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2015 में पंजाब के 22 जिलों में 119 जगहों से पानी के सैंपल इकट्ठे किये गये थे जिसमे यह चौकाने वाली तस्वीर सामने आई है। इस रिपोर्ट में पानी को चार कैटेगरी में बाँटा गया जिसमे A केटेगरी का पानी पीने योग्य, C केटेगरी के पानी को साफ़ करके पिया जा सकता है, E केटेगरी का पानी खेती-सिंचाई और U केटेगरी का पानी इन तीनो चीज़ो में इस्तेमाल नहीं हो सकता।

पंजाब में सबसे बुरा हाल है बरनाला ज़िले का है जहाँ शून्य फीसदी यानी भूजल बिल्कुल पीने योग्य बिल्कुल नहीं है, केवल 12 फीसदी भूजल E केटेगरी में आता है और 87.97 फीसदी पानी U केटेगरी में आता है। इसके बाद सबसे चिंताजनक स्तिथि है फरीदकोट डिस्ट्रिक्ट में 20.48 फीसदी भूजल  E केटेगरी में और लगभग 75 फीसदी U केटेगरी में आता है।