नागरिकता क़ानून को लेकर पूर्वोत्तर में विरोध प्रदर्शन जारी, गुवाहाटी में प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर

by Deepak Pokharia Dec 14, 2019 • 04:07 PM Views 869
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नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ नॉर्थ ईस्ट समेत देश के कई राज्यों में बवाल जारी है। नागरिकता क़ानून के खिलाफ गुवाहाटी में सैकड़ों प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। असम और त्रिपुरा में सेना तैनात है और कर्फ्यू भी लागू है। गुवाहाटी में शनिवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है, जबकि मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा अभी भी बंद है।

असम में अब तक तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर हजारों लोग फंसे हुए हैं। उधर असम में हिंसक आंदोलन के बीच जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे का भारत दौरा टल गया है। साथ ही गुवाहाटी में शिंजो आबे और प्रधानमंत्री मोदी की शिखर वार्ता भी टल गई हैं।

वहीं शिलॉन्ग में हालात बदतर होने पर गृह मंत्री अमित शाह का दौरा भी रद्द हो गया है। नागरिकता क़ानून को लेकर विरोध की आग नॉर्थ ईस्ट समेत दूसरे राज्यों में भी फैल चुकी है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में भी नागरिकता क़ानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

शुक्रवार को दिल्ली में नागरिकता क़ानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया के छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले दागे। इस झड़प में कई छात्र बुरी तरह घायल हो गए हैं।  इस बीच देश के पांच राज्यों ने कहा है कि वो कानून लागू नहीं करेंगे। वहीं शुक्रवार को नागरिकता क़ानून को चुनौती देने वाली 13 याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर हो गई हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भारत में नागरिकता क़ानून को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि ये क़ानून बुनियादी रूप से भेदभाव करने वाला है। साथ ही कहा कि नया क़ानून अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में दमन से बचने के लिए आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात तो करता है, लेकिन ये मुसलमानों को सुविधा नहीं देता।