शादी के लिए धर्म बदलने पर हाईकोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

by Siddharth Chaturvedi Nov 06, 2020 • 12:04 PM Views 248

सिर्फ़ शादी के लिए धर्म परिवर्तन को ग़लत मानते हुए एक नवविवाहित जोड़े को क़ानूनी संरक्षण न देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है। याचिका में कहा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी के उद्देश्य से धर्म परिवर्तन को अस्वीकार्य करार देते हुए अलग-अलग धर्म से संबंध रखने वाले एक विवाहित जोड़े को पुलिस संरक्षण न देकर एक ''गलत मिसाल'' कायम की है।

यह याचिका एडवोकेट अल दानिश रीन ने दायर की है। उनका मानना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उक्त आदेश देते समय न केवल दूसरे धर्म के व्यक्ति से विवाह करने वाले जोड़े को उनके परिवारों की घृणा के सहारे छोड़ दिया बल्कि एक गलत मिसाल भी कायम की है।

दरअसल, इलाहाबाद की मुस्लिम लड़की सबरीन ने धर्म परिवर्तन करके हिंदू व्यक्ति से शादी कर ली थी। उसने अपना नाम बदलकर प्रियांशी कर लिया था। उसने और उसके पति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा था कि उन्होंने स्वेच्छा से विवाह किया है, लेकिन लड़की के पिता इससे ख़ुश नहीं हैं। उन्हें संरक्षण दिया जाये। लेकिन लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को नज़ीर मानते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें पुलिस सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था।