तेल की बढ़ती कीमतों का असर, लोग खाने और स्वास्थ्य ख़र्च में कर रहे कटौती: रिपोर्ट

by GoNews Desk Jul 14, 2021 • 06:27 PM Views 677

लोगों पर बढ़ते वित्तीय तनाव की वजह से देश के आर्थिक सुधार में देरी हो सकती है। बढ़ती महंगाई के साथ यह संकट और गहरा रहा है। हाल ही में जारी एसबीआई की एक रिपोर्ट में ईंधन के दामों में कटौती किए जाने का आह्वान किया गया है, जिसमें यह तर्क दिया गया है कि बढ़ती ईंधन की कीमतें न सिर्फ महंगाई को बढ़ावा दे रही है बल्कि लोगों को अन्य चीज़ों पर कम ख़र्च करने के लिए भी मज़बूर कर रही है। 

अगर देखा जाए तो महंगाई दर मई में 6.3 फीसदी के मुक़ाबले जून में 6.26 फीसदी दर्ज की गई, यानि महंगाई दर में मामूली कमी देखी गई। ग़ौर करने वाली बात यह है कि एसबीआई कि रिपोर्ट के मुताबिक़ यह कमी पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों के दाम में गिरावट की वजह से हुई, जो मई में 10 फीसदी के मुक़ाबले जून में 4 फीसदी रही। 

लेकिन खाद्य कीमतें, विशेष रूप से प्रोटीन के स्रोत जैसे अंडा, दूध, दालें, तेल वगैरह की कीमतें लगातार बढ़ रही है। "तेल और फैट्स की महंगाई दर जून में बढ़कर 34.8 फीसदी हो गई है, जो मई में 30.9 फीसदी दर्ज की गई थी। हालांकि केन्द्र ने कच्चे पाम ऑयल और रिफाइंड पाम ऑयल के आयात शुल्क में कटौती भी की है।