कैब कंपनियों के मनमाना किराया वसूली पर लगाम, केंद्र ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

by Siddharth Chaturvedi Nov 28, 2020 • 06:33 PM Views 1146

किराये की टैक्सी मुहैया कराने वाली कैब कंपनियों को भारत सरकार की नई मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइन्स से बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन एग्रीगेटर्स के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं जिसके वजह से ओला और उबर जैसी कंपनियों को मनमाना किराया वसूलना मुश्किल हो जायेगा। इस तरह के दिशा-निर्देश पहले बार जारी हैं।

नये दिशा निर्देश के मुताबिक  के मुताबिक, किराया निर्धारित करने का अधिकार अब राज्य सरकारों के पास होगा और उसी से कैब कंपनियों को लाइसेंस भी लेना पड़ेगा। एग्रीगेटर को बेस फेयर से 50% से अधिकार चार्ज करने की अनुमति नहीं होगी। ड्राइवर को किराये का  80 प्रतिशत मिलेगा जबकि कंपनी 20 प्रतिशत की हिस्सेदार होगी।

कैब इस्तेमाल करने वालों के लिए कैंसिलेशन फीस भी एक बड़ा मुद्दा होता है तो अब कैंसिलेशन फीस को कुल किराये का 10% किया गया है, जो राइडर और ड्राइवर दोनों के लिए 100 रुपए से अधिक नहीं होगा।