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'मेरा नाम नेता' - 'विवादित' दिलीप घोष, बनेंगे मुख्यमंत्री ?

by GoNews Desk Apr 13, 2021 • 10:19 PM Views 515

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चार चरणों में मतदान हो चुके हैं। दशकों से राज्य की सत्ता से बाहर बीजेपी पूरे दमखम के साथ प्रचार में जुटी है। हालांकि राज्य में अगर बीजेपी की जीत होती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह अभी साफ नहीं है। बीजेपी राज्य में प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में चुनाव लड़ रही है। दूसरी तरफ़ मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नामों पर राजनीतिक गलियारों में क़यास भी लगाए जा रहे हैं। जिनमें एक नाम पार्टी के ‘विवादित नेता’ दिलीप घोष का भी शामिल है। गोन्यूज़ की स्पेशल सीरीज ‘मेरा नाम नेता’ में आज दिलीप घोष पर ही बात।

दिलीप घोष पश्चिम बंगाल बीजेपी के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पार्टी के लिए राज्य में ज़मीन तैयार किया है। अभी वो राज्य में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। हमेशा विवादों में रहने वाले दिलीप घोष का जन्म 1 अगस्त 1964 को पश्चिम बंगाल के ज़िले पश्चिमी मिदनापुर के गोपीबल्लपुर के पास कुलियाना गाँव में हुआ था। चुनाव आयोग में दायर हलफनामे के मुताबिक़ उन्होंने गांव से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, झाड़ग्राम के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया।

हालांकि 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद भी हुआ। 2016 के चुनाव में दिलीप घोष को चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रमाण पत्र को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि किसी शख़्स की शैक्षणिक योग्यता के बारे में जनहित याचिका दायर नहीं की जा सकती। दिलीप घोष का दावा था कि उन्होंने ईश्वर चंद्र विद्यासागर पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा की डिग्री ली है।