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हिंदू-मुस्लिम सभी करते हैं अंतर्धार्मिक विवाह, शिगूफ़ा है ‘लव जिहाद’

by Rahul Gautam Nov 22, 2020 • 09:38 AM Views 510

देश में अचानक ‘लव जिहाद’ पर हंगामा तेज़ हुआ है। ऐसा लगता है कि यह कोई बड़ी समस्या है। बीजेपी की कई सरकारें इसके ख़िलाफ़ क़ानून लाने की तैयारी कर रही हैं। कहा जा रहा है कि मुस्लिम लड़के नाम बदलकर या धोखा देकर हिंदू लड़कियों से शादी करते हैं और उनका धर्म बदल देते हैं। यह एक बड़ी डिज़ाइन का हिस्सा है। हालाँकि इस संबंध में किसी तरह के आँकड़े सरकारी स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं।

हक़ीक़त यह है कि देश का क़ानून दो बालिग़ लोगों को बिना किसी बाधा के शादी की इजाज़त देता है। इसके लिए बाक़ायाद 'स्पेशल मैरिज एक्ट' बना हुआ है। साल 2004 से अंतर्जातीय और अंतर्धार्मिक शादियों में मदद करने वाली दिल्ली की संस्था ‘धनक’ के पास अब तक हज़ारों मामले आ चुके हैं।

इस संस्था के आँकड़े साफ़ बताते हैं कि देश में ‘लव जिहाद’ जैसा कुछ भी नहीं है। मसलन दिसंबर 2012 से सितंबर 2020 के बीच जिन 1778  लड़कियों ने दूसरे धर्म में शादी करने के लिए ‘धनक’ से संपर्क साधा, उनमे 53 फीसदी हिंदू लड़कियाँ थी, 39 फीसदी मुस्लिम थीं, 4 फीसदी ईसाई और 3 फीसदी सिख परिवार से थीं। इन आँकड़ों से कुछ भी असामान्य नहीं लगता और न ही कोई पैटर्न उभर कर आता है।