मोबाइल फोन के लॉक-स्क्रीन कंटेंट पर 200% अधिक वक्त बिता रहे हैं भारतीय: रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi Apr 07, 2021 • 07:24 AM Views 627

दिन भर दिन भारतीयों की ज़िंदगी में स्मार्टफोन अपनी एक ऐसी जगह बनाता जा रहा है कि अब ऐसा वक़्त आ गया है कि वे लॉक स्क्रीन पर भी सबसे ज़्यादा वक्त बिता रहे हैं। इनमोबी ग्रुप की कंपनी ग्लांस की 'वॉट इंडिया कंज्यूम्स ऑन लॉक स्क्रीन' रिपोर्ट 2021 के मुताबिक, फोन की लॉक स्क्रीन पर भारतीय अब पिछले साल की तुलना में 200% अधिक वक़्त बिता रहे हैं। लॉक स्क्रीन कंटेंट के लिए एक यूज़र औसतन 25 मिनट ख़र्च कर रहा है।

ग्लांस दुनिया का पहला स्क्रीन ज़ीरो प्लेटफॉर्म है। ये लॉक स्क्रीन डिवाइस खासकर स्मार्टफोन पर यूज़र्स को लाइव कंटेट प्रोवाइड करता है। ग्लांस द्वारा दी गई रिपोर्ट में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक यूज़र के बिहेवियर को शामिल किया गया है।

पहले आपको बता दें कि यह लॉक स्क्रीन कंटेंट होता क्या है? स्मार्टफोन जब लॉक होता है तब स्क्रीन पर रेंडमली वॉलपेपर या फोटो आते रहते हैं। इनके नीचे उससे जुड़ी ज़रूरी जानकारी की लिंक दी होती है। इस लिंक को फोन बिन अनलॉक किए ही पढ़ा जा सकता है। इसी को लॉक स्क्रीन कंटेंट कहते हैं।

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि कि भारत में स्मार्टफोन यूज़र औसतन अपने स्मार्टफोन को दिन में कम से कम 70 बार अनलॉक करता है। इसमें से वो करीब 50 बार सिर्फ लॉक स्क्रीन पर दिए गए कंटेंट को देखता है। यूज़र्स को डिनर के बाद और सोने से पहले लॉक स्क्रीन कंटेंट देखना सबसे ज़्यादा पसंद है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात के यूज़र्स लेट नाइट तक लॉक स्क्रीन पर कंटेंट देखते हैं।