ads

पीएम बना तो विकास से ज़्यादा रोजगार पर ध्यान दूंगा - राहुल गांधी

by GoNews Desk Apr 04, 2021 • 09:27 AM Views 908

शुक्रवार को हारवर्ड कैनेडी स्कूल के अंबेसेडर के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के विकास के नारे पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बन जाते हैं तो विकास से ज़्यादा रोजगार पर ध्यान देंगे. उन्होंने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो विकास दर की बजाय नौकरियों पर ज़्यादा फोकस करते.

निकोलस बर्न्स के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता से सवाल किया गया कि अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनकी आर्थिक नीति क्या होगी. इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, ‘मैं सिर्फ विकास केंद्रित विचार से रोज़गार केंद्रित विचार की ओर बढञना चाहूंगा. मैं कहूंगा कि हमें विकास की ज़रूरत है लेकिन उत्पादन, रोजगार सृजन और वेल्यू एडिशन को आगे बढ़ाने के लिए हम सब कुछ करने जा रहे हैं.’

इस सवाल के जवाब में कि प्रधानमंत्री बनने पर वह किन नीतीओं को प्राथमिकता देंगे इसके जवाब में राहुल ने कहा, ‘मौजूदा वक्त में अगर हमारी आर्थिक वृद्धि देखी जाए तो हमारे विकास और जॉब क्रिएशन के बीच संबंध का प्रकार और वेल्यू एडिशन उत्पादन के बीच होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है.वैल्यू एडिशन को चीनी लीड करते हैं. मैंने किसी ऐसे नेता को नहीं देखा जो कहे कि उन्हें नौकरियों की समस्या है.अगर मैं इसके ठीक बगल में जॉब नंबर नहीं देखता हूं तो मेरे लिए 9 फीसदी आर्थिक वृद्धि का कोई महत्व नहीं रह जाता है.’

निकोलस बर्न्स के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता से सवाल किया गया कि अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनकी आर्थिक नीति क्या होगी. इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, ‘मैं सिर्फ विकास केंद्रित विचार से रोज़गार केंद्रित विचार की ओर बढञना चाहूंगा. मैं कहूंगा कि हमें विकास की ज़रूरत है लेकिन उत्पादन, रोजगार सृजन और वेल्यू एडिशन को आगे बढ़ाने के लिए हम सब कुछ करने जा रहे हैं.’

इस सवाल के जवाब में कि प्रधानमंत्री बनने पर वह किन नीतीओं को प्राथमिकता देंगे इसके जवाब में राहुल ने कहा, ‘मौजूदा वक्त में अगर हमारी आर्थिक वृद्धि देखी जाए तो हमारे विकास और जॉब क्रिएशन के बीच संबंध का प्रकार और वेल्यू एडिशन उत्पादन के बीच होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है.वैल्यू एडिशन को चीनी लीड करते हैं. मैंने किसी ऐसे नेता को नहीं देखा जो कहे कि उन्हें नौकरियों की समस्या है.अगर मैं इसके ठीक बगल में जॉब नंबर नहीं देखता हूं तो मेरे लिए 9 फीसदी आर्थिक वृद्धि का कोई महत्व नहीं रह जाता है.’