‘हम पांच’: कोरोना ग्रसित टॉप पांच देशों के “मज़बूत” नेता

by GoNews Desk Jun 14, 2020 • 02:30 PM Views 3538

जैसा कि भारत कोरोना वायरस के मामलों ने तीन लाख का आंकड़ा पार किया है, गो न्यूज़ इंडिया के एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी ने पांच सबसे ज़्यादा ग्रसित देशों- अमेरिका, ब्राज़ील, भारत, ब्रिटेन और रूस में कोरोना के मामलों का विश्लेषण किया है। इन पांचों देश पर दुनिया में मज़बूत माने जाने वाले नेताओं का राज है और यही मुल्क दुनिया के आधे से ज़्यादा कोरोनो के मामलों और मरने वालों की संख्या के लिए जिम्मेदार है।

जनवरी 2020 से जून 2020 तक, दुनियाभर में कोरोना वायरस से प्रतिदिन औसतन 185 मौतें हो रही थी। जबकि भारत में हर दिन औसतन 300 से ज़्यादा मौतें हो रही हैं। चीन में वायरस से होने वाली मौतों का ग्राफ पहले नीचे गिर रहा था, लेकिन वुहान शहर के आंकड़े जब जोड़े जाने पर अचानक स्पाइक दर्ज की गई।

आंकड़े बताते हैं कि हुबेई प्रांत, जो चीन में वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित था, में कुल 4,512 मौतों दर्ज़ हुई थी और हुबेई के बाहर, यानी चीन के बाकी हिस्सों से केवल 133 लोगों की कोविड-19 से मौतें हुईं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 11 फरवरी, 2020 को अपनी भारत यात्रा से पहले कहा था: अप्रैल महीने तक जब गर्मी बढ़ेगी तो कोरोना चमत्कारी ढंग से ग़ायब हो जाएगा।  

ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने देश में बढ़ते कोरोनो वायरस संख्या के बारे में मीडिया के सवालों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि 'वह कोई चमत्कार नहीं कर सकते हैं।’

दुनिया के ताक़तवर राष्ट्रअध्यक्ष में गिने जाने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने महामारी के बीच संवैधानिक परिवर्तनों पर अपना वोट डालने के लिए लोगों को आमंत्रित किया था।  

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से लड़ाई को 'महाभारत' से तुलना की थी। उन्होंने कहा था 'महाभारत 18 दिनों में जीती गई, कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई में 21 दिन लगेंगे।’

जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने डॉक्टरों के गले मिलने और हैंडशेक ना करने की सलाह बावजूद लोगों से हाथ मिलाना जारी रखा। बाद में, उन्हें खुद कोरोनोवायरस ने जकड़ लिया।  

दिलचस्प बात यह है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोरोनोवायरस प्रकोप के दौरान कहा था की  'जनता, प्रतिक्रिया और विश्वास' के ज़रिये ही इस महामारी से लड़ा जा सकता है।