राकेश अस्थाना मामले की सुनवाई कर दो हफ्ते में दें फैसला: HC से SC

by GoNews Desk Aug 25, 2021 • 06:38 PM Views 679

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर हुई नियुक्ति के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर दो हफ्ते के भीतर फैसला सुनाने को कहा है। कोर्ट ने NGO CPIL को हाईकोर्ट जाने की आज़ादी दी। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर याचिकाएं दायर हैं जिसकी कोर्ट में अगुवाई वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण कर रहे हैं। शुरुआत में सीजेआई इस मामले की सुनवाई के लिए तैयार नहीं थे। वहीं जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने प्रशांत किशोर को कहा है कि आप सही हो सकते हैं लेकिन हाईकोर्ट को मामले में सुनवाई करने दें। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने मामले की सुनवाई हुई।

ग़ौरतलब है कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को हाल ही में राजधानी दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के पद पर नियुक्ति की गई थी। इसके ख़िलाफ़ प्रशांत भूषण के गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन ( CPIL) ने कोर्ट जाने का फैसला किया। कोर्ट में राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्ति और उनकी सेवा में एक साल के विस्तार को चुनौती दी गई।

एनजीओ ने साथ ही 27 जुलाई को जारी केन्द्र सरकार के उस आदेश को रद्द करने का आग्रह किया है जिसमें गुजरात कैडर से एजीएमयूटी कैडर में राकेश अस्थाना की अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी गई थी।

गुजरात कैडर के साल 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की 27 जुलाई 2021 को दिल्ली पुलिस के कमिश्नर तौर पर नियुक्त हुई थी। हालांकि वो 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे लेकिन उनकी रिटायरमेंट से पहले उन्हें दिल्ली पुलिस कमिश्नर बना दिया गया। दिल्ली में पुलिस कमिश्नर के तौर पर राकेश अस्थाना का कार्यकाल एक साल का होगा।

प्रशांत भूषण ने अपनी याचिका में कोर्ट से राकेश अस्थाना की सेवा अवधि बढ़ाने के केन्द्र के आदेश को रद्द करने की मांग की है। प्रशांत भूषण ने अपनी याचिका में राकेश अस्थाना के कार्यकाल के विस्तार के साथ-साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति को भी अवैध बताया है।