GST काउंसिल मीटिंग: क्या महंगा और क्या सस्ता हुआ ?

by GoNews Desk Sep 19, 2021 • 09:28 AM Views 636

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद काउंसिल द्वारा लिए गए फैसले के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद की जा रही थी कि पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है लेकिन काउंसिल के मुताबिक़ इन्हें जीएसटी के दायरे में लाने का यह सही समय नहीं है। हालांकि काउंसिल ने कोरोना से संबंधित दवाओं पर रियायती कर की दरों को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।

बैठक के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान, निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। "यह आज के एजेंडे में विशुद्ध रूप से केरल उच्च न्यायालय के आदेश की वजह से आया जहां कोर्ट ने इस मामले को जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखने का सुझाव दिया था। काउंसिल के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने कहा कि इस बारे में केरल हाई कोर्ट के सूचित किया जाएगा कि काउंसिल के समक्ष इस मामले पर चर्चा की गई है और काउंसिल ने महसूस किया कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का यह सही समय नहीं है।