ads

6 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंची GDP ग्रोथ रेट, 5% से भी कम रही

by GoNews Desk Nov 30, 2019 • 03:46 PM Views 1037

भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी छह साल के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गयी है. हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को भरोसा दिया था कि देश मंदी की गिरफ्त में नहीं है और सिर्फ विकास धीमा हुआ है. लेकिन यदि उद्योग के आंकड़े देखें तो आठ मुख्य सेक्टर्स पांच फीसदी नकारत्मक यानी नेगटिव विकास दर दिखा रहें हैं.

सरकार कितना भी भरोसा दिलाये लेकिन उस के खुद के आंकड़े इस भरोसे को झुठला रहे हैं. साल 2020 की दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास की रफ़्तार पांच फीसदी से भी कम हो गयी है जो छह साल में पहली बार हुआ है.

यदि इस साल के पहले छह महीनों को देखा जाए तो विकास दर 4.6 फीसदी बैठती है. ये पिछले साल 7.3 फीसदी थी जो चीन से भी ज़्यादा थी. अब भारत ने जीडीपी की तेज़ी में दुनिया का पहला स्थान खो दिया है.

जीडीपी को सबसे बड़ा झटका मैन्युफैक्चरिंग में लगा है जिसमें विकास की दर नेगेटिव में पहुँच गयी है. इसके अलावा कृषि क्षेत्र में विकास की दर आधी रह गयी है जिसकी वजह से आर्थिक संकट और गहरा हो गया है, खासकर ग्रामीण इलाकों में. व्यापार, उद्योग, सेवाएं और निर्माण सभी क्षेत्रों में विकास की गति धीमी पड़ गयी है.

चिंता की सबसे ज़्यादा बड़ी वजह उद्योग हैं. आठ मुख्य उद्योग क्षेत्र लगातार सिकुड़ते जा रहें हैं. सितम्बर और अक्टूबर दोनों महीनो में इनमें 5 फीसदी से ज़्यादा की कमी आयी है। इस साल के पहले छह महीने में कोर सेक्टर वृद्धि जीरो फीसदी से कुछ ही ऊपर रही है.

देश में बैंकों के खराब क़र्ज़ की वजह से नए उद्योग नहीं लग पा रहें हैं. जिनसे लोगों को नौकरियों से भी हाथ धोना पड़ रहा है।  सिर्फ स्टॉक बाजार तेज़ी में है जिसमें भी 80 फीसदी कंपनियां अपने न्यूनतम स्तर पर चल रहीं हैं.