कृषि कानून रद्द होंने से लेकर क्रिप्टोकरेंसी तक, संसद में इन 26 विधेयकों पर चर्चा

by GoNews Desk Nov 24, 2021 • 06:58 PM Views 409

संसद का शीत सत्र सोमवार, 29 नवंबर से शुरू होने वाला है। सत्र करीब 1 महीने तक चलेगा और संसद की आखिरी कार्रवाई 23 दिसंबर को होगी। पीएम मोदी के 19 नवंबर को कृषि कानूनों को रद्द करने के ऐलान के साथ ही लोकसभा की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज़ हो गई थी। पीएम मोदी ने ऐलान किया था तीन विवादित कृषि कानूनों को रद्द क़रने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होने वाली संसद कार्रवाई में पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए सरकार ‘कृषि कानून निरस्त विधेयक, 21’ लाएगी।

इस बीच 23 नवंबर को केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को झटका देते हुए इसके नियमन से जुड़े बिल क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 का भी ऐलान कर दिया है। और अब लोगों की नज़र जल्द शुरू होने वाले सत्र पर टकी है। ग़ौरतलब है कि इन दो अहम बिलो से इतर कई क्षेत्रों से जुड़े 24 और विधेयकों को संसद में पेश किया जाएगा। पेश है इन बिलों पर एक रिपोर्टः 

कृषि कानून निरस्त विधेयक, 21: सरकार की तरफ से यह बिल 23 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीत सत्र में पेश किया जाएगा। विधेयक तीन विवादित कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए लाया गया है। बिल के तहत ‘Farmers’ Produce And Commerce Act, 2020’, ‘Essential Commodity Act, 2020’ और ‘Farmers Agreement On Price Assuarnce And Farm Services Act, 2020’ को निरस्त करने का प्रस्ताव है। 

क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021): क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े इस बिल को लेकर दावा किया जा रहा है कि सरकार इसके जरिए निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी के उतार-चढ़ाव से बचाना चाहती है। इस बिल के जरिए केंद्र की ऐसा प्रावधान लाने की तैयारी है जिससे निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और इसके साथ ही RBI के जरिए आधिकारिक करेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 21 (The Banking Laws (Amendment) Bill, 2021): यह विधेयक दो सरकारी क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण से जुड़ा है। केंद्र ने 2021-22 के बजट को पेश करने के दौरान इन दो बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि यह विधेयक इसलिए लाया जा रहा है।