भारतीय जेलों में बंद विदेशी बढ़े, पहले नंबर पर बांग्लादेश और दूसरे पर नाइजीरिया के क़ैदी

by Siddharth Chaturvedi Dec 22, 2020 • 07:19 PM Views 1063

भारतीय जेलों में बंद विदेशी नागरिकों की तादाद बीते दो सालों में बढ़ गयी है। अलग-अलग अपराधों में गिरफ्तार किए गए ये क़ैदी कई देशों के हैं। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक भारतीय जेलो में बंद सबसे ज़्यादा विदेशी क़ैदी बांग्लादेश से हैं। हालाँकि पाँच सालों के आँकड़े विदेशी क़ैदियों की तादाद में कमी का इशारा करते हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड (एनसीआरबी) ब्यूरो के 2019 के आँकड़ों के अनुसार देश की जेलों में 5,608 विदेशी कैदी हैं। इनमें से आधे से ज़्यादा विचाराधीन हैं। सबसे ज्यादा कैदी बांग्लादेश के हैं। इसके बाद नेपाल और म्यांमार का नंबर आता है। एनसीआरबी के अनुसार 2019 के अंत में 832 महिलाओं सहित कुल 5,608 विदेशी कैदी भारतीय जेलों में बंद थे। इनमें से 2,171 (38.71%) दोषी करार दिया जा चुके थे, 2,979 (53.12%) विचाराधीन थे और 40 (0.71%) हिरासत में थे।

सबसे ज़्यादा विदेशी क़ैदी पश्चिम बंगाल की जेलों में हैं जहाँ कुल 2316 क़ैदी बंद हैं। उसके बाद नाम आता है महाराष्ट्र का जहाँ 517 क़ैदी बंद हैं। और तीसरे नम्बर पर है उत्तर प्रदेश जहाँ 505 क़ैदी बंद हैं। भारत की जेलों में सबसे ज्यादा विदेशी कैदी (3770) बांग्लादेश से हैं, उनमें से अधिकांश बंगाल की जेलों में हैं। भाषा और भोजन के मामले में ऐसे कैदियों को कम परेशानियां होंगी, लेकिन गैर दक्षिण एशियाई जैसे- अफ्रीका और यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के कैदियों को भारतीय भोजन और भाषाई अवरोध से दिक्कतें होती हैं। गोवा की जेल में बंद जापानी कैदी हों या बिहार की जेल में बंद चीनी या फिर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद नाइजीरियाई कैदी, सभी के लिए भारत का आहार एक मुख्य मुद्दा है।