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कोरोना महामारी के चलते मार्केट में बढ़ी पुरानी कारों की डिमांड

by GoNews Desk May 13, 2021 • 02:52 PM Views 1310

महामारी की वजह से पूरी दुनिया में ही डर का माहौल है। लोग अब घर में ही रहना पसंद करते हैं और जिन्हें बहुत ज़रूरी काम हैं सिर्फ वो मजबूरी में निकलते हैं। लॉकडाउन की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद है। और इन सभी हालातों को देखते हुए ख़ुद की गाड़ी का होना अब बहुत ज़रूरी हो गया है। लेकिन कम बजट की वजह से लोग नई कार नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में सेकेंड हैंड कार लेना बेस्ट ऑप्शन बनता जा रहा है। और यही वजह है कि सेकेंड हैंड कार का बाज़ार दिन भर दिन बढ़ता जा रहा है।

बता दें कि भारत में सेकेंड हैंड कार की सेलिंग लगातार बढ़ती जा रही है। स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2020 में सेकेंड हैंड कार बाज़ार का साइज 4.4 लाख यूनिट से ज़्यादा था। जो उस दौरान नए कार मार्केट के साइज से भी अधिक था। जबकि भारत में सेकेंड हैंड कार की सेलिंग 2019 में इस महीने की तुलना में दिसंबर 2020 से ज़्यादा है। जिसमें लगभग 50% की बढ़ोतरी हुई है।

इंडियन ब्लू बुक के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 में भारत का सेकंड हैंड कार मार्केट 4.2 लाख यूनिट था। दावा है कि एक ही वित्तीय वर्ष में कार की सेल में साल दर साल 5% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2019 में कोरोना महामारी के वजह से नई कार की बिक्री 17.8% कम थी। वहीं सेकेंड हैंड कार की सेल्स वास्तव में 2.8 लाख यूनिट्स में दर्ज की गई जो नई कार की सेलिंग की तुलना में 50% अधिक है।

बता दें कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल नई और सेकंड कार की सेलिंग में कमी आई है। पिछले वर्ष में सेकेंड हैंड कार केवल 3.9 लाख यूनिट्स सेल हुई थी। क्योंकि बीच में जब लॉकडाउन हटा तो यूज हुई कार की डिमांड अचानक बढ़ गई थी।

वैसे आपको बता दें कि सेकेंड हैंड कार में भी लोग ब्रांडेड कंपनियों की ओर जा रहे हैं। इसमें लोग मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और टोयोटा की गाड़ियों को ख़रीद रहे हैं।