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मई के अंत तक राजकोषीय घाटा बजट अनुमानों का 58 फीसदी से ज़्यादा हुआ

by GoNews Desk Jul 03, 2020 • 08:45 PM Views 255

कोरोना महामारी ने पहले से ही चल रहे आर्थिक संकट को गहरा दिया है। वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का व्यापक असर इकोनॉमी पर देखने को मिलने लगा है। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि देश का फिस्कल डेफिसिट यानि राजकोषीय घाटे बढ़ गए हैं।

देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीने में ही बढ़कर 4.66 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमानों के 58.6 फीसदी पर पहुंच गया। इस आंकड़े के बढ़ने की वजह है लॉकडाउन से रुका आर्थिक गतिविधियों का चक्का। तालाबंदी के समय चक्का घुमा नहीं और सरकार को कोई कर या टैक्स के तौर आमदनी हुई नहीं। इसी वजह से रोजकोषीय घाटे में यह बढ़ोत्तरी देखने को मिली।