राहुल गाँधी के 'कॉन्ट्रेक्ट फ़ार्मिंग' से जुड़े सवाल के जवाब में सरकार ने दिया पशुपालन का हवाला

by Siddharth Chaturvedi Feb 03, 2021 • 04:30 PM Views 706

मोदी सरकार का दावा है कि नये कृषि कानूनों से किसानों को बहुत फ़ायदा होगा। इसके लिए सरकार कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग के प्रावधान का ज़िक्र करती है, पर जब उसी कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग से जुड़ा सवाल राहुल गांधी ने संसद में पूछा तो सरकार का जवाब बेहद हास्यास्पद था। उसने अनाज के बजाय पशुपालन से जुड़ी स्टडी का हवाला दिया।

दरअसल, राहुल गाँधी ने लोकसभा में सरकार से सवाल पूछा था कि ‘क्या सरकार ने किसानों की आय पर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के प्रभाव पर कोई अध्ययन शुरू किया है?’ इस सवाल के जवब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जो लिखित जवाब दिया वो खुद किसी सवाल से कम नहीं।

नरेंद्र सिंह तोमर के लिखित जवाब में  कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जुड़े पाँच अध्ययनों का ज़िक्र किया पर इनमें चार पशुपालन से जुड़े थे। सिर्फ एक अध्ययन का रिश्ता अनाज उत्पादन से था। इससे पता चलता है कि केंद्र सरकार के पास किसानों की आय पर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के प्रभाव को सिद्ध करने के लिए कायदे के अध्ययन तक मौजूद नहीं है, फिर भी वह किसान आंदोलन के पहले दिन से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से किसानों के फ़ायदे का ढोल पीट रही है।