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बेटों का मोह छोड़ रहे भारतीय, बेटियों की स्वीकार्यता बढ़ी: IIPS रिपोर्ट

by GoNews Desk Oct 26, 2020 • 06:06 PM Views 1068

भारतीय समाज में लंबे समय से चला आ रहा ‘बेटे-बेटियों में फर्क’ अब समाज से मिट रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन दशकों में ऐसे परिवारों की तादाद बढ़ी है जिन्होंने बेटी के जन्म के बाद ही परिवार नियोजन अपना लिया। इससे मालूम पड़ता है कि समाज में लैंगिक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता बढ़ रही है। यही वजह है कि अब लोग बेटों का मोह छोड़ सिर्फ बेटी के पैदा होने के बाद ही नसबंदी कराने में बिल्कुल नहीं झिझक रहे हैं।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक़ जहां 1992-93 में 16 फीसदी जोड़ों ने दो बेटियों के बाद नसबंदी कराया था, वहीं साल 2015-16 में ये आंकड़ा लगभग दोगुना 33.6 फीसदी हो गया। इसके अलावा तीन बेटियों वाले जोड़ों में भी सुधार हुआ है और इसका भी अनुपात 20 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो गया।