65 फीसदी लोगों की आय घटी, 80 फीसदी महंगाई से परेशान

by GoNews Desk Aug 11, 2021 • 03:52 PM Views 595

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कम होने के बाद लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट और एम्पलॉयमेंट रेट दोनों ही में सुधार देखा गया है, लेकिन नौकरी की क्वालिटी कमज़ोर हुई है। मसलन महामारी की लहरों में नौकरीपेशा वालों पर गाज़ गिरी है और यह वर्ग महामारी से नहीं उबर पाया है। सेलरिड क्लास वालों की नौकरी में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ है।

महामारी की दूसरी लहर के बाद लेबर फोर्स पर्सिप्शन रेट और एम्पलॉयमेंट रेट में सुधार दिहाड़ी और खेतिहर मज़दूरों की वजह से हो रहा है। अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने सीएमआइई, आरबीआई और एमओएसपीआइ के हवाले से एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें बताया गया है कि महामारी के बाद भी हालात में सुधार नहीं हो रहे हैं।

मसलन रिपोर्ट में 2012 से जुलाई 2021 तक के आंकड़े दिए गए हैं जिसके मुताबिक़ रोजगार जहां बढ़ रहा था वो अब घट रहा है। एक सर्वे के मुताबिक़ 80 फीसदी लोग मानते हैं कि रोजगार के हालात महामारी की वजह से बिगड़ गए हैं। इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था की हालत भी बिगड़ रही है। सर्वे में शामिल 70 फीसदी से ज़्यादा लोग मानते हैं महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था की हालत बिगड़ रही है