विकास की गुलैया को तरसते रह गये सीमांचल के कुलैया मुसलमान

by Anjali Ojha Nov 06, 2020 • 03:52 PM Views 1911

सीमांचल के इलाक़े में बसे कुलैया मुसलमानों की माली हालत बदतर हो गई है। कहा जाता है कि एक ज़माने में इनके पूर्वज अरब देशों से भारत आए थे। बाद में मुग़ल काल में भी इनको सम्मान मिला लेकिन अब इनकी बची हुई आबादी को एक अच्छी ज़िन्दगी मयस्सर नहीं है।

कुलैया मुसलमान आमतौर पर सीमांचल के किशनगंज, अररिया और कटिहार के इलाकों में बसे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ की समस्या बरक़रार है। सरकार इसपर ध्यान नहीं देती है।

देखिए गोन्यूज़ संवाददाता अंजलि ओझा की ये रिपोर्ट।

* गुलैया - गुड़ और चावल की लाई से बना लड्डू जो ग्रामीण इलाक़ों में काफ़ी प्रचलित है।