विमानन कंपनियों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी ?

by GoNews Desk Aug 06, 2020 • 12:01 PM Views 6150

कोरोना महामारी की वजह से कई विमानन कंपनियों को अपनी सेवा पूरी तौर से बंद करनी पड़ी है। मार्च महीने के बाद से ही लॉकडाउन ने विमानन कंपनियों को सड़कों पर ला दिया है। इनमें ज़्यादातर कंपनमियां यूरोप और अमेरिकी की हैं। भारत की भी कुछ कंपनियां भारी नुकसान में हैं और बंद होने की कगार पर है।

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट बताती है कि अंतराष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रति सप्ताह के हिसाब से एक चौथाई पर आ गई है। जबकि घरेलू हवाई यात्रा की स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। विमानन कंपनियों को लॉकडाउन में सेवा बंद होने की वजह से करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

लॉकडाउन की वजह से पिछले दस सालों से विमानन कंपनियों का बढ़ रहा रेवेन्यू प्रति किलोमिटर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2010 से अबतक विमानन कंपनियों का रेवेन्यू प्रति किलोमिटर छ: ट्रिलियन पर पहुंच गया था लेकिन भारी गिरावट के साथ यह दो ट्रिलियन से भी नीचे जा चुका है। जबकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगले 2024 और 2025 तक भी स्थिति में सुधार की गुंजाइश कम है।

देश के विमानन कंपनियों की अगर बात करें तो यहां भी हालत बदतर हैं। अप्रैल से जून महीने में यात्रियों की संख्या में चेन्नई एयरपोर्ट पर 95 फीसदी से भी ज़्यादा की गिरावट देखी गई। यहां इन तीन महीनों के अंतराल में महज़ 1.69 लाख यात्रियों ने ही यात्रा की। इसी तरह मुंबई एयरपोर्ट पर 2.62 लाख और दिल्ली एयरपोर्ट पर 10.38 लाख यात्रियों ने यात्रा की।

विमानन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी सिरदर्दी हवाई जहाजों के रख-रखाव की है। विमानों के रख-रखाव में हर महीने मोटी रक़म ख़र्च करना पड़ता है। कई विमानन कंपनियों ने सरकार से उड़ान की इजाज़त देने या फिर कोई बेल आउट पैकेज के ऐलान की मांग की है। बताया जा रहा है कि भारतीय विमानन कंपियों को लॉकडाउन की वजह से अबतक 40 हज़ार करोड़ रूपये से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है।