नए कृषि क़ानून पर आरएसएस के किसान विंग की केन्द्र से चार मांगें

by GoNews Desk Dec 05, 2020 • 12:33 PM Views 1141

आरएसएस के 'किसान विंग' भारतीय किसान संघ ने विवादित केन्द्रीय कृषि क़ानूनों में संशोधन कर इसे ‘किसान हितैषी’ बनाने का प्रस्ताव रखा है। बीकेएस ने उन ‘आशंकाओं’ को दूर करने की कोशिश की है जिसकी वजह से किसान आंदोलन कर रहे हैं। नए कृषि कानूनों को ख़त्म करने की मांग लिए देश के हज़ारों किसान दिल्ली के एंट्री प्वाइंट पर इकट्ठा हैं और राजधानी की लगभग सीमाएं सील हैं।

किसानों को इस बात की चिंता है कि इस क़ानून से एमएसपी पर ख़रीद की व्यवस्था ख़त्म हो जाएगी। शुरु से किसानों का यह भी आरोप है कि मोदी सरकार का यह क़ानून ‘उद्योगपतियों’ की कमाई का रास्ता सुनिश्चित करता है। बीकेएस के महासचिव बद्री नारायण चौधरी का कहना है ‘जैसा कि कुछ संगठन क़ानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, ऐसे में इस क़ानून को ख़त्म करने की बजाय हमारा इन क़ानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है।’

इसके लिए उन्होंने केन्द्र के सामने चार मांगें रखी है। उन्होंने मांग की कि, ‘पहला यह सुनिश्चित किया जाए कि थोक बाज़ारों में या बाहर ही एमएसपी के नीचे कोई खरीद नहीं होनी चाहिए। दूसरा सभी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन एक सरकारी पोर्टल पर किया जाना चाहिए जिसकी सभी तक पहुंच हो। तीसरा यह सुनिश्चित किया जाए कि फसल ख़रीद का किसानों को बैंक गारंटी के माध्यम से तय समय-सीमा में भुगतान किया जा सके। चौथा किसानों के विवादों के समाधान के लिए उनके होमटाउन यानि गृहनगर में एक कृषि ट्रायब्यूनल बनाया जाए।’