किसान आंदोलनः 6 महीनों का लेखा-जोखा

by GoNews Desk Jun 11, 2021 • 06:39 PM Views 1676

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बीती 26 मई को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के टिकरी, गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को 6 महीने पूरे हो चुके हैं. इन 6 महीनों में कई छोटी बड़ी घटनाएं हुई जिनका लेखा जोखा कुछ इस तरह है. 

क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं किसान


केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के नाम पर तीन कानून लाई है. ये कानून इस तरह है-किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020; मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 पर कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता.

इन तीन कानूनों को लेकर किसानो को भय है कि इनसे किसानो को सरकार की ओर से फसलों पर मिलने वाली एमएमपी यानि मिनिमम सपोर्टिंग प्राइज की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वह बड़े व्यपारियों की दया पर निर्भर रह जाएंगे. 

कैसे शुरू हुआ आंदोलन

नंवबर 25, 2020-  पंजाब और हरियाणा में छोटे प्रदर्शनों के बाद किसानों ने दिल्ली चलों अभियान का ऐलान किया. दिल्ली पुलिस ने हालांकि कोरोना के नियमों के तहत उनके दिल्ली आने पर रोक लगा दी. 

नवंबर 26- दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों पर हरियाणा के अंबाला जिले में प्रशासन की ओर से  लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया हालांकि बाद में उन्हें उत्तर-पूर्वी दिल्ली के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्श की अनुमति दे दी गई. 

नवंबर, 28- गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की सीमाओं को खाली करने और बुराड़ी में तय विरोध स्थल पर जाने पर किसानों के साथ बातचीत करने की पेशकश की हालांकि, किसानों ने जंतर-मंतर पर धरना देने की मांग को लेकर उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

नवंबर, 29- पीएम ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान कहा कि सभी सरकारों ने किसानों के साथ वादे किए थे लेकिन उनकी सरकार ने इन वादों को पूरा किया है. 

दिसंबर, 3- सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ और पहले दौर की वार्ता विफल रही.