लॉकडाउन में ख़त्म हुई बुज़ुर्गों को मिलने वाली रियायत; ट्रेन में पूरे किराए पर सफर करने को मज़बूर

by GoNews Desk Nov 23, 2021 • 11:13 AM Views 1293

कोरोना संक्रमण के नाम पर भारतीय रेलवे ने बुजुर्गों को टिकट बुकिंग पर मिलने वाली रियायत पर रोक लगा रखी है। एक RTI के जवाब में रेलवे ने बताया कि मार्च 2020 से करीब 4 करोड़ बुजुर्गों ने रेलवे में पूरा किराया देकर सफर किया। मार्च के अंत से ही भारत में कोविड के कारण लगे लॉकडाउन के कारण आम ट्रेन सेवा को स्थगित कर दिया गया था। इसके बदले कुछ स्पेशल ट्रेन जैसे ‘श्रमिक ट्रेन’ चलाई जा रही थी।

मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौर की दायर एक आरटीआई में पता चला कि 22 मार्च से सितंबर 2021 तक  37,850,668 बुजुर्गों ने ट्रेन में सफर किया। भारतीय रेलवे 53 वर्गों के तहत छात्र, मेडिकल प्रोफेशनल और वरिष्ठ नागरिक आदि को किराए में छूट देता है।

वरिष्ठ नागरिकों में भी महिलाओं को किराए पर 50% और पुरूषों को 40 फीसदी छूट का प्रावधान है हालांकि मौजूदा समय में रेलवे ने सिर्फ छात्रों और मेडिकल फील्ड से आने वाले लोगों के लिए यह सुविधा जारी रखी है जिसका मतलब है कि देश की आबादी का बड़ा हिस्सा यानि वरिष्ठ नागिरक पूरे किराए पर यात्रा करने को मजबूर हैं।

रेलवे अधिकारियों की मानें तो नागरिकों को मिलने वाली छूट पर रोक लगाई गई ताकि लोग गैरज़रूरी यात्रा से बचें हालांकि आलोचकों का कहना है रेलवे ने कोविड की आढ़ में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली एक अहम सुविधा को खत्म कर दिया है।