प्रवासी भरतीय दिवस पर कुवैत में नौकरी कर रहे लाखों भारतीयों के नौकरी छिनने की ख़बर

by Rahul Gautam Jan 09, 2021 • 04:41 PM Views 1175

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 16वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने माँ भारती, भारतीयता और संस्कृति जैसे भावनामतक मुद्दों का तो ज़िक्र किया लेकिन विदेशों से नौकरी गँवाकर भारत वापस लौट रहे लोगों के लिए कुछ ख़ास नहीं कहा। एक तरफ़ देश में बेरोजगारी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ़ विदेशों में काम करके भारतीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में योगदान देने वाले भी बेरोज़गार होकर वापस आ रहे हैं। इससे भारत को हर साल मिलने वाले अरबो डॉलर में कमी आने की आशंका है लेकिन पीएम मोदी ने इसका ज़िक्र तक नहीं किया।

अब अमीर देश कुवैत की सरकार ने सरकारी महकमे में काम कर रहे सभी प्रवासी मज़दूरों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया है। कुवैत के अखबार अल अनबा के मुताबिक सभी सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक और टेक्निकल ओहदों पर काम कर रहे प्रवासी लोगों को निकालकर उनकी जगह कुवैत के स्थानीय लोगो को नौकरी दी जायेगी। कुवैत के कई राज्य संस्थानों ने हाल ही में नौकरियों में प्रवासी लोगो के बजाय स्थानीय लोगो को नौकरी पर रखने की योजना शुरू कर दी है। दरअसल, कुवैत अपने यहां काम करने वाले प्रवासी कामगारों की तादाद 50 फीसदी तक घटाने का प्रयास कर रहा है। 48 लाख की आबादी वाले कुवैत में करीब 34 लाख लोग प्रवासी कामगार हैं और इनमें 15 लाख भारतीय हैं। ज़ाहिर है इन फैसलों की मार भारतीयों पर भी पड़ रही है वे बड़ी तादा पर बेरोज़गार होे के लिए मजबूर हैं।

Department of Non-Resident Keralites Affairs के मुताबिक बीती साल मई से लेकर इस साल 4 जनवरी तक 8.43 लाख लोग विदेश से केरल लौटे हैं। इनमे 5.52 लाख लोगो ने केरल वापस आने की वजह विदेश में रोज़गार छिन जाना बताया है। पिछले 30 दिनों में ही 1.40 लाख लोग वापस लौटे हैं। देश में पहले ही अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, ऐसे में बाहर बसे भारतीयों के लौटने से उसे और झटका लग रहा है।