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मोहम्मद रफ़ी: रेशम में लिपटी देश की आवाज़

by GoNews Desk Dec 24, 2020 • 02:49 PM Views 365

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को हजारों नगमे देने वाले मोहम्मद रफी ने एक बार मजहब के नाम पर गाना छोड़ दिया था और लंदन जाकर बस गए थे। मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद ने द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में खुद इस बात का खुलासा किया था।

शाहिद ने बताया था, '1970 के दशक में उनके पिता हज करने के लिए मक्का गए थे। वह खुदा में यकीन करते थे। मक्का से जब वह वापस लौटे तो कुछ लोगों ने उनकी गायकी को लेकर कहा कि रफी साहब यह आप क्या कर रहे हैं? यह हमारे मजहब के खिलाफ है।' शाहिद के मुताबिक उनके पिता इस बात से डर गए थे और उन्होंने फिर कभी न गाने का फैसला लिया।

यही नहीं वह फिल्म इंडस्ट्री के शोर से अलग रहने के लिए लंदन जाकर बस गए थे और लौटने से ही इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उनके सबसे बड़े बेटे ने उन्हें समझाया तब जाकर वह वापस लौटे और फिर से गाना शुरू किया।

उनके बेटे ने मोहम्मद रफी को दोबारा गाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा था, 'खुदा ने ही आपको यह आवाज बख्शी है। इसलिए आपको वापस आना होगा। आप 4, 5 या फिर 6 महीने बैठे रह सकते हैं, लेकिन उसके बाद क्या करेंगे? इस तरह बेटे के समझाने पर मोहम्मद रफी वापस लौटे और फिर से गायन शुरू किया। यही नहीं दूसरी पारी में भी मोहम्मद रफी ने पहले की तरह कई सुपर-डुपर हिट गाने दिए।'