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भारत में ओ टी टी प्लेटफॉर्म्स पर सेंसरशिप जैसा कोई क़ानून होना चाहिए या नहीं?

by GoNews Desk Nov 02, 2019 • 10:20 AM Views 905

भारत में ओ टी टी प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार, अमेज़न प्राइम पर सेंसरशिप के दायरे से बाहर हैं। केंद्र सरकार अभी विचार कर रही है कि क्या इन प्लेटफॉर्म्स पर सेंसरशिप जैसा कोई क़ानून होना चाहिए या नहीं?

इसी बीच UK के एक ऑनलाइन मार्केट रिसर्च कंपनी YOUGOV ने भारतीयों के बीच एक सर्वे करके जानने की कोशिश की है कि वे क्या चाहते हैं.

  • सर्वे के मुताबिक 45% भारतीय पुरुष और 35% महिलाएं इन प्लेटफॉर्म्स पर सेंसरशिप के हक़ में हैं।
  • सर्वे में 59% लोगों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखाया जाने वाला कंटेंट पब्लिक में देखने के लिए ठीक नहीं है।
  • 57% लोगों का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कंटेंट से बच्चों पर गलत असर पड़ता है।
  • वहीं 47% लोगों ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कंटेट परिवार के साथ नहीं देखा जा सकता।
  • कंपनी ने लोगों से यह भी जानने की कोशिश की है कि अगर इन प्लेटफॉर्म पर सेंसर के नियम लागू कर दिए जाते हैं तो उसके नतीजे क्या हो सकते हैं.
  • सर्वे में 47% लोगों का मानना है कि इस कदम से कंटेंट की क्वॉलिटी में सुधार होगा, वही 32% लोगों का मानना है कि ऐसा होने पर पायरेसी और illegal downloads के मामले बढ़ जायेंगे। वहीं 30% लोग कहते हैं कि कंटेंट की क्वालिटी में गिरावट आ सकती है। 
  • 29% लोग ये भी मानते हैं कि सेंसर के नियम लगाने से इन प्लेटफॉर्म्स पर आने वाले यूज़र्स की संख्या बढ़ जाएगी जबकि 28% के मुताबिक ऐसा होने पर यूज़र्स की संख्या घट जाएगी।