पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देती नीतीश सरकार, ढाई करोड़ स्टूडेंट्स में 42 को बांटे स्मार्टफोन

by Sarfaroshi Oct 09, 2021 • 02:20 PM Views 1115

देश में डिजिटल इंडिया की पहल शुरु हुए छह साल बीत चुके हैं लेकिन देश का ग्रामीण इलाक़ा अब भी “हाईस्पीड इंटरनेट केक्टिविटी” ही नहीं बल्कि पर्याप्त इंटरनेट कनेक्टिविटी से भी दूर है। लगभग स्कूल बंद हैं और ऐसे में यहां रह रहे छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि देश के असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में 40-70 फीसदी छात्रों के पास डिजिटल एक्सेस (इंटरनेट की सुविधा) नहीं है।

शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में 70 फीसदी जबकि “मॉडल राज्य” गुजरात में 40 फीसदी छात्र-छात्रा बिना इंटरनेट के हैं। महामारी के दौरान बंद किए गए स्कूल, कई राज्यों में अबतक नहीं खोले गए हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स स्कूल की पढ़ाई से लेकर ट्युशन की पढ़ाई तक ऑनलाइन ही कर रहे हैं। ऐसे में एक तिहाई छात्र-छात्राओं के पास डिजिटल कनेक्टिविटी या इंटरनेट की कनेक्टिविटी न होना भारतीय शिक्षा ढांचे के एक और नकारात्मक पहलु को दिखाता है।

रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में 70 फीसदी, बिहार में 58.09 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 57 फीसदी, असम में 44.24 फीसदी, झारखंड में 43.42 फीसदी, उत्तराखंड में 41.17 फीसदी और गुजरात में 40 फीसदी स्टू़डेंट्स के पास डिजिटल एक्सस नहीं है। जबकि इसके अलावा समृद्ध माने जाने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली में लगभग 96%, केरल में  98.37% और तमिलनाडु में 85.49% छात्रों के पास इंटरनेट एक्सेस है।