लॉकडाउन की पहली तिमाही में बेरोजगारी दर करीब 21 फीसदी रही: सरकार की रिपोर्ट

by GoNews Desk Mar 14, 2021 • 04:31 PM Views 2432

भारत में कोरोना महामारी की वजह से बेरोजगारी बढ़ी है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि महामारी के दौरान शहरों में लोग ज़्यादा बेरोजगार हुए। साल 2020 के अप्रैल-जून महीने में शहरी बेरोजगारी दर 20.9 पर पहुंच गया। आंकड़े बताते हैं कि महामारी से पहलेजनवरी से मार्च की अवधि में यह दर 9.1 फीसदी थी। यह वो दौर था जब भारत में कोरोना अपने पांव पसार रहा था। इसी को रोकने के लिए किए गए ‘दुनिया के सबसे सख़्त लॉकडाउन’ से देश में बेरोजगारी का संकट और ज़्यादा गहरा गया।

पिरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) की रिपोर्ट के मुताबिक़ 2020 के जनवरी-मार्च महीने से अप्रैल-जून 2020 के बीच बेरोज़गारी दर में 11.8 फीसदी का ईज़ाफा हुआ। इसी दौरान देश में ‘सबसे सख़्त लॉकडाउन’ लगा दिया गया जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर खासा असर पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को टूरिजम समेत कई सेवा क्षेत्रों में नौकरियों से हाथ धोना पड़ा।

माना जाता है कि भारत में वो शख्स बेरोजगार की श्रेणी में आता है जो काम के लिए उपलब्ध होने के मौजूद उसके पास हफ्ते में एक घंटे का भी काम न हो। महाराष्ट्र में अप्रैल-जून की तिमाही में शहरी बेरोज़गारी सबसे ज़्यादा थी। यहाँ तिमाही में बेरोज़गारी दर 35.6 फीसदी थी। इसके बाद झारखंड बेरोज़गारी में सबसे आगे रहा जहाँ बेरोज़गारी दर 32 फीसदी और तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश रहा जहाँ ये दर 28.9 फीसदी थी। इस तिमाही में सभी राज्यों में बेरोज़ागारी दर डबल डिजिट में ही रही।