देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे साल-दर-साल बनती जा रही है घाटे का सौदा

by GoNews Desk Sep 28, 2020 • 06:38 PM Views 983

भारतीय रेलवे एक तरफ ट्रेनों में स्लीपर कोच को भी एसी कोच में तब्दील करने योजना बना रही है लेकिन फिर भी इसकी कमाई लगातार घट रही है। संसद में पेश कैग यानि कम्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट बताती है कि रेलवे 100 रूपये कमाने के लिए 101.77 रूपये ख़र्च कर रहा है।

साथ ही अपनी नाकामी छुपाने के लिए रेलवे अपनी कमाई ग़लत तरीके से दिखा रही है और कई प्रोजेक्ट की डेडलाइन ख़त्म होने के बावजूद पूरे नहीं हो पाए हैं।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि रेलवे के बजट अनुमान 92.8 फीसदी के लक्ष्य के ख़िलाफ वित्त वर्ष 2018-19 में रेलवे की ऑपरेटिंग दर 97.29 फीसदी रही। हालांकि अगर देखा जाए तो साल 2016 से रेलवे की ऑपरेटिंग दर में लगातार इज़ाफा हो रहा है।

साल 2016 में जहां यह दर 90 फीसदी रही वो अब बढ़कर वित्त वर्ष 2019 में यही दर 97.29 फीसदी आंकी गई है लेकिन इसमें एक पेंच है।