बड़ी बीमारी, अर्थव्यवस्था हारी

by Pankaj Pachauri Jan 09, 2021 • 12:17 PM Views 927

कोविड 19 या कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मोदी सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करके अनजाने में ही अर्थव्यवस्था को बहुत गहरी चोट पहुंचायी।  70 दिन तक चले सख्त लॉकडाउन से देश में उद्योग-धंधों की कमर टूट गई और भविष्य को लेकर संकट गहरा गया। हालांकि, अर्थव्यवस्था के बलि चढ़ जाने के बावजूद कोरोना महामारी को रोका न जा सका और और देश में संक्रमण के मामले 1 करोड़ के पार हो गये।

केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक भारत की जीडीपी यानि सकल घरेलू उत्पाद की कीमत वित्त वर्ष 2021 में 7.7 फीसदी सिकुड़ जाएगी। ध्यान रहे, चालू वित्त वर्ष 2021 के मार्च में खत्म होगा। देश के लिए यह पूर्वानुमान किसी खतरे की घंटी से कम नहीं क्योंकि यह रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के आकलन से भी ख़राब है जिसने साल 2021 में भारत की जीडीपी 7.5 फीसदी सिकुड़ने की बात कही थी। अगर ऐसा होता है की यह 1952 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में आई सबसे बड़ी गिरावट होगी।

गोन्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी ने विश्लेषण किया है कि कैसे भारत में बड़ी बीमारी, अर्थव्यवस्था हारी ।