एसबीआई का इकोनॉमी में सुधार का अनुमान लेकिन पूर्व कोविड स्तर पाने में लगेंगे पौने तीन साल

by GoNews Desk Dec 17, 2020 • 04:51 PM Views 419

चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी में हुई वृद्धि ने अर्थव्यवस्था में जल्द सुधार की उम्मीद को बढ़ा दिया है। इसी के चलते देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने वित्त वर्ष 2021 के पूर्वानुमान में सुधार किया है। एसबीआई ने पहले कहा था की चालू वित्त वर्ष में इकॉनमी 10.9 फीसदी सिकुड़ेगी लेकिन अब एसबीआई का जीडीपी ग्रोथ रेट के निगेटिव 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। हालाँकि रिपोर्ट में यह साफ है कि अभी जीडीपी के  कोविड पूर्व स्तर तक पहुंचने में लंबा वक्त लगेगा।

एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि जीडीपी के कोरोना वायरस महामारी से पूर्व के स्तर पर दोबारा पहुंचने में वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही से भी 7 तिमाही आगे का वक्त यानी क़रीब पौने तीन साल लग सकता है। एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि- 'दूसरी तिमाही के बाद आरबीआई और बाजारों के संशोधित पूर्वानुमानों के बाद अब हम उम्मीद करते हैं कि पूरे वर्ष (वित्त वर्ष 2020-21) के लिए जीडीपी में गिरावट पहले के अनुमान निगेटिव 10.9 फीसदी की तुलना में 7.4 फीसदी रहेगी।'

एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्रोथ आउटलुक में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सरकारी व्यय में 3.62 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। यह पहली तिमाही में 4.86 लाख करोड़ रुपये थी।

गो-न्यूज़ ने आँकड़ों के आधार पर पहले भी रिपोर्ट दी थी कि जुलाई -सितंबर तिमाही में सरकार जो पैसा राज-काज चलाने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए खर्च करती है, उसमे असल में कमी आई है। इसका मतलब है कि मई महीने में घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज का फ़ायदा लोगो तक नहीं पंहुचा है और सरकार अर्थव्यवस्था में ज्यादा पैसा डालने में नाकाम रही है