6 सालों में कॉर्पोरेट जगत पर बजट का एक तिहाई हिस्सा लुटा चुकी है मोदी सरकार

by GoNews Desk Feb 08, 2021 • 04:39 PM Views 1323

आपने यह कहावत ज़रूर सुनी होगी 'ढाक के तीन पात' यानि कुछ भी करिए, नतीजा सिफर ही आएगा। कुछ ऐसा ही हाल है केंद्र सरकार की रोजगार नीति का। मसलन सरकार हर साल कॉर्पोरेटजगत को टैक्स में लाखों करोड़ की छूट दे रही है ताकि नौकरी पैदा हो, देश में निवेश बढ़े लेकिन हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है। और तो और सरकार को किसानों और गरीब लोगों को मिलने वाली सब्सिडी चुभ रही है लेकिन कॉर्पोरेट जगत पर पिछले छह सालों में सरकार 5 लाख 29 हज़ार 667 करोड़ रुपए की आयकर में छूट दे चुकी है।

सरकार के अपने आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2014-15 में सरकार ने कॉर्पोरेट जगत को 65 हज़ार 67 करोड़ रुपए की छूट इनकम टैक्स एक्ट के अंतर्गत दी। इसके बाद इस आंकड़े के बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ। मसलन अगले वित्त वर्ष 76 हज़ार 857 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2016-17 में 86 हज़ार 144 करोड़ रुपए, वित्त 2017-18 में 93 हज़ार 642 करोड़ रुपए और साल 2018-19 में 1 लाख 8 हज़ार 113 करोड़ रुपए की आयकर में छूट दी गई। साल 2019-20 में कॉर्पोरेट जगत को टैक्स में मिलने वाली छूट का आंकड़ा रहा 99 हज़ार 842 करोड़ रुपए।