'मेक इन इंडिया' पर हो-हल्ले के बावजूद मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट

by GoNews Desk Nov 19, 2020 • 05:04 PM Views 409

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा दे रहे हैं। सरकार की ओर से इसे लेकर तमाम योजनाएँ घोषित की गयी हैं। जनता के बीच चीनी कंपनियों और उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम भी चलायी जा रही है।'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों का बड़ा ज़ोर है जिसके तहत मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना था लेकिन आँकड़े बताते हैं कि सारे दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं।

एशियन डेवलपमेंट बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी इंटरनेशनल मोनेटरी फंड के मुताबिक साल 2019 में  भारत की जीडीपी में औद्योगिक उत्पादन क्षेत्र की हिस्सेदारी पिछले 20 सालों के न्यूनतम स्तर पर है। आसान भाषा में कहे तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर देश में बढ़ने की बजाय सिकुड़ रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक साल 2000 में भारत के औद्योगिक क्षेत्र की जीडीपी में हिस्सेदारी 29.9 फीसदी थी जो 2008 आते-आते अपने उच्चतम स्तर 32.3 फीसदी तक पहुंची। लेकिन साल 2019 में यह घटकर 27.5 फीसदी रह गयी है।