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मनमोहन सिंह ने सात पायदान चढ़ाया, मोदी राज में तीन पायदान गिरी भारतीय अर्थव्यवस्था

by Rahul Gautam Dec 30, 2020 • 05:12 PM Views 828

देश आर्थिक ढलान पर है। केन्द्र सरकार भले ही आर्थिक तबाही के लिए महामारी और लॉकडाउन को ज़िम्मेदार ठहराये लेकिन हक़ीक़त यह है की भारत आर्थिक मोर्चे पर बहुत पहले ही फिसलने लगा था। साल की शुरुआत में ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने वैश्विक मंदी के लिए संकट में फंसी भारत की अर्थव्यवस्था को ज़िम्मेदार ठहराया था। तब सरकार अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक मंदी को ज़िम्मेदार ठहराती थी।

यह बात किसी से छुपी नहीं है की पहले नोटबंदी, जीएसटी और बाद में हड़बड़ी में लगे लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर दी लेकिन देश में मचे सियासी हल्ले में आंकड़े पीछे छूट जाते हैं। देखिए यह ख़ास रिपोर्ट और समझिये देश की अर्थव्यवस्था की असल में हालत क्या है।

वर्ल्ड बैंक के इंटरनेशनल कम्पेरिजन प्रोग्राम (आईसीपी) के मुताबिक 2005 में भारत दुनिया की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी लेकिन मात्र 6 सालों में यानि 2011 में जापान को पछाड़कर अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बना।