भारत की आर्थिक ग्रोथ 2019 के स्तर से भी नीचे रहने का अनुमान - रिपोर्ट

by GoNews Desk Apr 07, 2021 • 10:24 AM Views 1763

वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी 2019 के स्तर से भी नीचे रहने वाली है। ये बात एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के लिए काम करने वाली युनाइटेड नेशन की संस्था UNESCAP ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में महामारी के शुरु होने से पहले ही जीडीपी और निवेश धीमा पड़ चुका था। रिपोर्ट के मुताबिक़ कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए ‘दुनिया के सबसे सख़्त लॉकडाउन’ की वजह से 2020 के दूसरी तिमाही में आर्थिक बाधाएं अपने चरम पर थीं।

लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटना शुरू तो हुई लेकिन सालाना आधार पर शून्य के क़रीब आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान के साथ चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की गति हल्की पड़ गई। अंग्रेज़ी अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान देश की आर्थिक विकास दर 7 फीसदी रहने का अनुमान है। जबकि इससे पहले के साल में यानि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान महामारी के बीच देश की जीडीपी 7.7 फीसदी रहने का अनुमान है।

ग़ौरतलब है कि गोन्यूज़ ने पहले भी आपको बताया था कि देश की जीडीपी महामारी के तीन साल पहले से ही गिर रही है। अगर महामारी के दौरान जीडीपी का आकार देखें तो यह अनुमानित 131.82 लाख करोड़ रूपये था। जबकि यही 2017 में नेट 131.75 लाख करोड़ रूपये रहा था। अब अगर देखा जाए तो सिर्फ महामारी ने नहीं बल्कि सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्क किया है।