मोदीराज में बैंक पर बढ़ा भारी दबाव, एनपीए बढ़कर हुआ 46 लाख करोड़

by GoNews Desk Jan 16, 2021 • 06:55 PM Views 1031

मोदी सरकार में देश के सरकारी बैंकों पर दबाव बढ़ा है। रिज़र्व बैंक की नई वार्षिक स्टैटिकल रिपोर्ट ने इस बात की तस्दीक की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान देश की बैंकिंग व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकार के पिछले छह साल के कार्यकाल में बैंकों पर एनपीए का दबाव 46 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया है।

अगर पिछले दस सालों की बात करें तो इनमें चार साल मनमोहन सिंह ने सरकार चलायी और छह साल नरेंद्र मोदी ने। रिपोर्ट से पता चलता है कि मनमोहन के चार साल में एनपीए बढ़ने की दर 175 फीसदी रही जबकि मोदी के शुरुआती चार सालों में ही यह दर 178 फीसदी रही। अगर आँकड़ों में देखें तो मनमोहन सिंह के कार्यकाल में बैंकों पर एनपीए जहाँ दो लाख 64 हज़ार करोड़ रूपये था वो मोदी काल में बढ़कर 9 लाख करोड़ रूपये तक पहुँच गया। एनपीए यानि नॉन पर्फोर्मिंग एसेट, यानि बैंकों द्वारा दिया गया वो क़र्ज़ जो खाते में तो लिखा रहता है, लेकिन जिसकी वापसी की उम्मीद नहीं होती