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Whatsapp ने लगायी यूज़र्स के बेपर्दा होने की शर्त

by Siddharth Chaturvedi 3 months ago Views 17272

WhatsApp imposed the condition for the user to be
वाट्सऐप यूजर्स के लिए नया साल नई शर्तों के साथ शुरू हुआ है। शर्तें भी ऐसी जैसे एक तरफ़ कुआँ और एक तरफ़ खाईँ । अगर इन शर्तों को न माना गया तो अकाउंट डिलीट करना होगा और इन इस बाबत फ़ैसला करने के लिए 8 फरवरी तक का ही वक्त है। दुनियाभर में 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वाट्सऐप इस्तेमाल करते हैं और इन नई शर्तों को लेकर सबके मन में तमाम सवाल उठ रहे हैं।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि क्या है वाट्सऐप की नई पॉलिसी?


नई पॉलिसी में लिखा है कि 'हमारी सर्विसेज को ऑपरेट करने के लिए आप वाट्सऐप पर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है। यूजर्स को इस पॉलिसी पर सहमति देनी होगी। ये 8 फरवरी, 2021 से लागू हो रही है। तब तक यदि एग्री नहीं करते हैं तो अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आप हेल्प सेंटर पर विजिट कर सकते हैं।'

ध्यान रहे कि इस पॉलिसी को एग्री करने के बाद वाट्सऐप अपनी 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा एक्सेस कर पाएगी। यानी कंपनी उनके डेटा को दूसरे प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर पाएगी। नई पॉलिसी के नोटिफिकेशन में उसने साफ लिखा है कि अब वाट्सऐप आपकी हर सूचना अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ शेयर करेगा। यानी वाट्सऐप अपने यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करके पैसे भी कमा सकती है।

कहने का मतलब ये कि वाट्सऐप अब आपके डेटा पर पूरी नजर रखेगी और आपकी प्राइवेसी या निजता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पॉलिसी पर सहमत होने के बाद कंपनी आपके खर्च, आईपी एड्रेस, लोकेशन, स्टेटस, कंटेंट, कॉल जैसे सभी डेटा एक्सेस कर पाएगी। कुल मिलाकर ऐप इस्तेमाल करने पर कंपनी के सामने आपकी ज़िंदगी बिलकुल बेपर्दा रहेगी। कंपनी को पता होगा आप किसे कितने वॉट्सऐप कॉल करते हैं? किस ग्रुप में ज्यादा सक्रिय हैं? ब्रॉडकास्ट लिस्ट कितनी है? फोटो-वीडियो सर्वर पर अधिक समय तक मौजूद रहेंगे और कंपनी को पता होगा कौन-सा कंटेंट ज्यादा फॉरवर्ड हो रहा है।

वैसे वाट्सऐप अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी में इस बात का दावा करती थी कि आपके मैसेज, डेटा उसके पास भी नहीं रहते। 8 फरवरी के बाद ये सब बदल जायेगा। कंपनी ने पहले की पॉलिसी में लिखा था कि लोगों की प्राइवेसी और सुरक्षा उसकी प्राथमिकता में है, इसलिए उसने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर तैयार किया है।

वैसे, वाट्सऐप और फेसबुक सबसे ज्यादा यूजर इंफॉर्मेशन और डेटा कलेक्ट करते हैं। ये डेटा किसी भी दूसरे मैसेजिंग ऐप्स से कई गुना ज़्यादा है।

वाट्सऐप यूजर की 15 से ज्यादा इंफॉर्मेशन और डेटा कलेक्ट करता है, जैसे फोन नंबर, ईमेल ऐड्रेस, पेमेंट इंफो, डिवाइस आइडी वग़ैरह ।वहीं, वाट्सऐप की पेरेंट कंपनी फेसबुक मैसेंजर के पास 30 से ज़्यादा तरह का डेटा होता है, जैसे  शॉपिंग हिस्ट्री, ऑडियो डेटा, कॉनटैक्ट, फोन नंबर सर्च हिस्ट्री, फ़िज़िकल ऐड्रेस, सटीक लोकेशन और दूसरी तमाम जानकारियाँ जिससे साफ़ हो जाता है कि निजता का सवाल सिर्फ़ एक मज़ाक़ बनकर रह गया है।

वहीं इनकी तुलना में टेलीग्राम के पास 3 तरह के और एपल के आईमैसेज के पास 4 तरह का डेटा होता है।  हाल ही में काफ़ी चर्चा में आने वाला सिग्नल मैसेजिंग ऐप्स के पास यूजर का सिर्फ मोबाइल नंबर ही होता है।

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