मोबाइल फोन के लॉक-स्क्रीन कंटेंट पर 200% अधिक वक्त बिता रहे हैं भारतीय- रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi 6 months ago Views 34459

Indians spent 200% more time on their lock screens
दिन भर दिन भारतीयों की ज़िंदगी में स्मार्टफोन अपनी एक ऐसी जगह बनाता जा रहा है कि अब ऐसा वक़्त आ गया है कि वे लॉक स्क्रीन पर भी सबसे ज़्यादा वक्त बिता रहे हैं। इनमोबी ग्रुप की कंपनी ग्लांस की 'वॉट इंडिया कंज्यूम्स ऑन लॉक स्क्रीन' रिपोर्ट 2021 के मुताबिक, फोन की लॉक स्क्रीन पर भारतीय अब पिछले साल की तुलना में 200% अधिक वक़्त बिता रहे हैं। लॉक स्क्रीन कंटेंट के लिए एक यूज़र औसतन 25 मिनट ख़र्च कर रहा है।

ग्लांस दुनिया का पहला स्क्रीन ज़ीरो प्लेटफॉर्म है। ये लॉक स्क्रीन डिवाइस खासकर स्मार्टफोन पर यूज़र्स को लाइव कंटेट प्रोवाइड करता है। ग्लांस द्वारा दी गई रिपोर्ट में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक यूज़र के बिहेवियर को शामिल किया गया है।


पहले आपको बता दें कि यह लॉक स्क्रीन कंटेंट होता क्या है? स्मार्टफोन जब लॉक होता है तब स्क्रीन पर रेंडमली वॉलपेपर या फोटो आते रहते हैं। इनके नीचे उससे जुड़ी ज़रूरी जानकारी की लिंक दी होती है। इस लिंक को फोन बिन अनलॉक किए ही पढ़ा जा सकता है। इसी को लॉक स्क्रीन कंटेंट कहते हैं।

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि कि भारत में स्मार्टफोन यूज़र औसतन अपने स्मार्टफोन को दिन में कम से कम 70 बार अनलॉक करता है। इसमें से वो करीब 50 बार सिर्फ लॉक स्क्रीन पर दिए गए कंटेंट को देखता है। यूज़र्स को डिनर के बाद और सोने से पहले लॉक स्क्रीन कंटेंट देखना सबसे ज़्यादा पसंद है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात के यूज़र्स लेट नाइट तक लॉक स्क्रीन पर कंटेंट देखते हैं।

लॉक स्क्रीन कंटेंट में एंटरटेनमेंट, न्यूज, नेचर/वाइल्डलाइफ की तीन कैटेगरी सबसे ज़्यादा देखी जाती हैं। वहीं, अन्य कैटेगरी में हेल्थ एंड फिटनेस, पोल्स एंड क्विज, ट्रिविया के साथ पॉलिटिक्स से जुडा कंटेंट शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो कंटेंट देखने वाले यूज़र्स भी भारत में पहले से बढ़े हैं और वह अब 182 प्रतिशत तक ज़्यादा वक्त बिता रहे हैं। इसके अलावा सबसे ज़्यादा देखी गईं दो कैटेगरी कॉमेडी और म्यूजिक हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि आधे से ज़्यादा दर्शक नॉन-मेट्रो शहरों से आते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन में यूज़र्स ने अपने डिवाइसेज के साथ ज़्यादा वक्त बिताया। इस दौरान मोबाइल गेमिंग की डिमांड काफी बढ़ गई और लॉकडाउन के दौरान इस कैटेगरी में 153 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गई। ग्लांस रिपोर्ट की मानें तो गेमर्स ने इस दौरान नए गेम्स ट्राई किए और 41 प्रतिशत यूज़र्स अपने डिवाइस में रोज़ तीन या इससे ज़्यादा रहे थे।

Indians spent 200% more time on their lock screens: Glance report

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